बदलती जलवायु में स्वास्थ्य सुरक्षा: पूर्वानुमान से उपचार तक
लेख के बारे में यह लेख मूल रूप से ‘संगम’ (अंक 1, वर्ष 2026) पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। बदलती जलवायु के कारण स्वास्थ्य पर बढ़ते प्रभाव—जैसे लू, बाढ़, सूखा तथा जलवायु-संवेदनशील रोगों के प्रसार—आज एक महत्वपूर्ण वैश्विक और राष्ट्रीय चुनौती बन चुके हैं। इस लेख में मौसम एवं जलवायु सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है, जो समय पर चेतावनी, जोखिम आकलन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी को सुदृढ़ बनाकर जन-स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। यह लेख जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और जलवायु सेवाओं के परस्पर संबंध को सरल भाषा में समझाने का प्रयास है। मूल लेख जलवायु परिवर्तन अब केवल बढ़ते तापमान या पिघलते हिमनदों तक सीमित विषय नहीं रह गया है; यह एक गंभीर जन-स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है, जो लोगों के दैनिक जीवन को सीधा प्रभावित कर रहा है। बढ़ता तापमान, वर्षा के बदलते स्वरूप, चरम मौसम घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति और बिगड़ती वायु गुणवत्ता मानव स्वास्थ्य पर लगातार प्रभाव डाल रही हैं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वाले श्रमिकों और गरीबी में जीवन यापन करने वाले लोगों पर। घातक लू (heatwa...